सुखी जीवन का सही मतलब क्या होता है ? सोचा है कभी ?

सभी को यह सवाल हमेशा सताता है की सुखी जीवन का सही मतलब है?

हम आज आपको सुखी जीवन का सही मतलब क्या होता है? यह बताने जा रहे हैं। हर कोई सोचता है कि, अपना जीवन सुखी हो जाए। सुखी जीवन का मतलब यही नहीं होता है कि आप हर वक्त हंसते रहो। जीवन में सुख और दुःख साथ में ही आते हैं। कभी खुशी का माहौल होता है तो कभी दुखो की छाया होती है।

यह एक तरह का जीवन में चलने वाली घड़ी है। इसे पूरा करने के लिए हमें कुछ बातों का जरुर ध्यान रखना है। सुखी जीवन का सही मतलब अगर किसी को समझ लेना है। औऱ नीचे दिए गए बातों को जरुर समझे। उन बातों का गौरव करें। अगर आप इन बातों की और अपने विचार और विनिमय से बात कर सकते हो। अगर आप बात करते हो तो आपको पता चल सकता है, कि…

सुखी  जीवन का सही मतलब इन बातों से ही पता चल सकता है।

जीवन का सही मतलब

  • अपने आप पर विश्वास
  • कभी किसी बात का मोह न रखना
  • एक अच्छे इंसान की तरह सोचना
  • हर पल खुशी देखना

अपने आप पर विश्वास करने से हमें जीवन का सही मतलब जानने में बहोत मदत होती है। 

सुखी जीवन में या एक ऐसी बात है जो कोई नहीं जानता है। कि अपने आप पर विश्वास कैसे रखें। 

हर कोई हंसता है हर कोई रोता है

पर अगर आप को अपने आप पर पूरा विश्वास है। तो आप हंसने में भी अपने सारे बातें सुखी जीवन के बारे में सोच सकते हो। और आपके दुख मैं भी आपको अपने सुखी जीवन के बारे में सोचना क्या है यह समझ में आ सकता है।

हर इंसान अपने आप में एक विश्वास पैदा करता है। वह विश्वास हे होता है कि, अपने जीवन में सुख शांति कैसे ला सके। अगर कोई ऐसा कर सकता है तो सिर्फ मनुष्य ही नहीं है। इस पुरे ब्राह्मण में यह करने वाले प्रत्येक पशु पक्षी भी हो सकते हैं।

 किसी भी प्राणी आप अगर देख सकते हो तो कोई प्राणी सुखी हो सकता है और कोई प्राणी दुखी हो सकता है। पर अपने आप में अगर विश्वास हो तो हर चीज मुमकिन करने की क्षमता आप रख सकते हो। यह सुखी जीवन का सही मतलब हो सकता है। और सुखी जीवन पाने मैं मदत कर सकता है।

कभी किसी बात का मोह न रखना

सुखी जीवन रखने के लिए आपको किसी भी बात का मोह नहीं होना चाहिए। किसी भी बात का मोह होना यह कैसी बात हो जाती है कि, आप अपने सुखी जीवन को दूर कर सकते हो। सुखी जीवन को साथ मैं रखने के लिए आपको मोह को दूर रखना है। अगर आप मोह अपने पास रखते हो तो आपको मोह कभी खुशी नहीं दे सकता है। मोह की परिभाषा ही यही है कि, आप उसके मोह में होना। 

किसी बात को बिना समझे उसके मोह मैं रहना

 अगर किसी बात का मोह भी है तो उसके जल्दी से जल्दी छुटकारा पाए। मोह आपको बर्बाद कर सकते हो। आप को किसी भी तरह की चुक हो सकता है। किसी भी तरह का कोई नुकसान ना हो।

जीवन का सही मतलब

 अगर आपको सुखी जीवन रखना है तो, उसके बारे में सोचना जरुर पढ़ सकता है। लेकिन उसके मोह के बारे में आपको कभी नहीं सोचना है।

 एक वस्तु है जिसकी आप परिभाषा जान सकते हो। लेकिन आप उसके मोह में अगर हो सकते हो। तो आपको उसकी परिभाषा समझने की कोई दिलचस्पी नहीं होती है। आप खुद ही उस वस्तु को अपने आप में समा लेते हो। यही एक ऐसी बात है जो सुखी जीवन को दूर ले जा सकती है।

एक अच्छे इंसान की तरह सोचना

अगर आप सुखी जीवन के बारे मे सोचने जा रहे हो तो यह बात समझनी जरूरी है। आपको आपकी सोच को इस कदर रखना है कि, आपको अपने आप पर विश्वास हो सके। सुखी जीवन के लिए एक इंसान का उसके प्रति प्यार होना जरूरी है। पर अगर देखा जाए तो सुखी रहने के लिए अच्छा सोचना जरूरी होता है। अगर आपकी सोच दूसरों के प्रति अच्छी होती है। तो आपको कभी किसी के सामने शर्मिंदा नही होना होता है।

सुखी जीवन अच्छी सोच से हासिल किया जा सकता है

जीवन का सही मतलब

अच्छी सोच ही जीवन की खुशयली लाने मैं मदत करता है। कोई भी इंसान खुशी के बारे मे सोचता है। पर सुखी जीवन के बारे मे सोचना भूल जाता है। जीवन का सही मोल ही सबसे बड़ी बात जीवन मे हासिल करने जैसा है। आपकी मैन की बाते अगर आप किसी के सामने खोल कर करते हो तो आपको इंसान के बारे मे समझ नही आती है। पर अगर आप किसी के बारे में बात करते हो। तो आपको अच्छा और बुरा समझ आता है।

हर पल में खुशी ढूंढ़ने से हमारा जीवन सुखी होता है। 

जीवन मे खुशी लानी है तो आपको किसी भी समय खुशी के ही बारे मे सोचना जरूरी है। हर पल खुशी कैसे हासिल करें? हर पल खुशी के लिए कैसे रहे। यह सारी बाते आपको शायद से पता भी नही हो सकती है। पर अगर आप यह सोचने लगे तो हर पल खुशी के लिए आपको सुखी जीवन मिल सकता है। सुखी जीवन मे खुशी का पल लेन ले लिए आपको ख़ुशी से रहना जरूरी है।

खुशी हर वक़्त आपके साथ हो सकती है। सिर्फ आपको ख़ुशी के बारे मे सोचना है। जीवन मे सुख और दुःख का समान अधिकार होता है। पर अगर देखा जाए तो यह एक साथ कभी नहीं मिल सकते। दुःख अंत तक नही रह सकता पर खुशी आपके साथ अंत तक रहने जुटी रहती है।  

खुशी देखना सुखी जीवन की निशानी है

हमे खुशी का भी सामना करना जरूरी रखना चाहिए। और साथ ही साथ दुःख का सामना करने की ताकद भी रखनी है।

अगर आप सुखी जीवन के बारे मे ज्यादा सोचने लगो तो आपको यह बात समझने मिलती है। जीवन मे खुसी आपसे ही शुरू ओर खत्म होती है। कोई भी मनुष्य खुशी के लिए अपने आप मैं है एक तरह का संघर्ष करने मे लगा रहता है।

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