प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना – Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana

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Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana
Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी

हेलो दोस्तों आज हम आपको एक महत्वपूर्ण योजना ( प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ) के बारे में जानकारी देने वाले है। यह योजना आम आदमी शहरों और गांवों में रहने वाले युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। हम सब जानते हैं।

इस योजना के नाम में ही कौशल्य विकास है। यानी कि युवाओं के अंदर छुपे हुए कला गुण और कौशल्य को प्रोत्साहित करके उनका विकास करना या इस योजना का एक उद्देश्य है हमारे देश में ग्रामीण विभागों शहरों और संस्कृतियों के बीच बहुत सारी कलाएं हुनर और कौशल्य उपस्थित रहते हैं लेकिन अच्छी तरह से विकास ना होने के कारण और योग्य प्रशिक्षण शिक्षण और सुविधा ना होने के कारण इस कला कौशल का विकास नहीं हो पाता और वह वहीं रह जाते। इससे देश के विकास और तरक्की में बहुत ही बाधाएं आती है।

युवाओं में छुपे इन चला गुणों के कारण भारत के अर्थव्यवस्था को बहुत ही लाभ हो सकता है। क्योंकि भारत की बढ़ती लोकसंख्या बढ़ते रोजगार की उपलब्धियां इन को देखते हुए भारत के युवाओं को योग्य प्रशिक्षण देकर उन्हें आने वाले स्थिति के लिए तैयार करना यह भारत सरकार की एक मुख्य जिम्मेदारी है और यह तभी संभव हो सकता है।

जब भारत के युवाओं को योग्य प्रशिक्षण देकर उन्हें इस योग्य बनाएं कि वह अपने अंदर छुपे कला गुणों को देखकर उन्हें विकास करके भारत की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। भारत में स्थित अनेक राज्यों में बहुत सारी संस्कृति या भाषाएं रिती रिवाज और कला उपस्थित होती है और इन कला संस्कृतियों में निपुण रहने वाले लोग ज्यादातर अपने गांव में अपने अपने संस्कृति में रहना पसंद करते हैं और वह विकास को दूर रखते हैं। यदि इन कौशल्य और कला का योग्य प्रशिक्षण देकर उनका विकास किया जाए तो भारत के तरक्की में लाभ हो सकता है।

शुरुआत कैसे हुई प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की ?

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरुआत 20 मार्च 2015 को हुई थी। नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई थी। यह योजना कैबिनेट मंत्रियों के द्वारा तंत्र प्रधान को सुनाई गई थी। तब नरेंद्र मोदी केबिनेट मिनिस्टर के अध्यक्ष थे।

हमारे माननीय 15 प्रधान नरेंद्र मोदी ने इस योजना को अपनी सहमति प्रदान की। यह युवाओं के लिए एक फ्लैगशिप योजना के रूप में स्थापित की गई थी। यह योजना कौशल्य विकास व उद्योजकता मंत्रालय के द्वारा शुरू की गई थी। कौशल्य विकास व उद्योजकता मंत्रालय इस योजना पर निगरानी रखते हैं। और इस पर पूरी तरह से नियंत्रण होने के कारण यह योजना किस प्रकार चल रही है इस पर ध्यान देने की जिम्मेदारी भी इस मंत्रालय पर होती है। मैं पर युवाओं को लगने वाले प्रशिक्षण और लगने वाले प्राध्यापकों को उपलब्ध करके देना इस मंत्रालय की जिम्मेदारी होती है। इस योजना का छोटा भाग राष्ट्रीय कौशल्य विकास महामंडल के द्वारा चलाया जाता है।

यह मंडल इस योजना का मुख्य दर भाग देखकर पूरा काम संभालती है। लेकिन मुख्य आदेश कौशल्य विकास व उद्योजकता मंत्रालय द्वारा ही होता है। राष्ट्रीय कौशल विकास महामंडल की शुरुआत 31 जुलाई 2008 में हुई थी।

चलिए जानते है प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का उद्देश्य

यह एक कौशल्य सर्टिफिकेशन योजना है जिससे युवाओं में उद्योगों के प्रति आवश्यकता और प्रशिक्षण मिलकर उन्हें अच्छा रोजगार और नौकरी मिल सकती है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

इस योजना के अंतर्गत 1400000 व्यक्तियों को एक साथ प्रशिक्षण देकर उन्हें तैयार करना है जिससे वह भारत की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर सकें। 1400000 व्यक्तियों में श्रम बाजार में नए नए आने वाले युवा और विशेष करके 10वीं और 12वीं में फेल हुए विद्यार्थी के ऊपर विशेष ध्यान देकर उन्हें योग्य प्रशिक्षण देकर नौकरी और उनकी विशेषताओं के अनुसार उन्हें काम देने पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

यह योजना राष्ट्रीय कौशल विकास महामंडल के ट्रेनिंग पार्टनर के माध्यम से चलाई जाती है। आज तक राष्ट्रीय कौशल विकास महामंडल के 187 ट्रेनिंग पार्टनर है। और इन 187 ट्रेनिंग पार्टनर्स के 2300 प्रशिक्षण केंद्र भारत में उपस्थित है। केंद्र और राज्य सरकार में जोड़े जाने वाले प्रशिक्षण संस्था का भी इसमें सहभागहोने वाला है।

इस योजना में ना केवल युवाओं के प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाएगा बल्कि उनके कौशल्य प्रशिक्षण के साथ-साथ उनकी सॉफ्ट स्किल व्यक्तिगत रहने का तरीका स्वच्छता और उनके हाव-भाव और बर्ताव पर और कार्य की नियमितता पर भी ध्यान दिया जाएगा। यानी कि यह एक पूर्णा महत्त्व व्यक्तिमत्व विकास पर भी ध्यान देने वाली योजना जिस से आने वाली युवा पीढ़ी अधिक उत्तम और स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक रहें।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का महत्वपूर्ण भाग

अल्पकालीन प्रशिक्षण- लाख युवाओं को प्रशिक्षण करके उनका मूल्य अंकित और प्रमाणित होने का मौका दिया जाएगा। जिन युवाओं की पढ़ाई बीच में ही रुक गई हो उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत संधि प्रदान की जाएगी जिससे वे अपने जीवन में विकास लाकर कुछ कर सके।

पिछले शिक्षण की जानकारी- असंगठित कार्य शक्ति में 4000000 व्यक्तियों को राष्ट्रीय कोशल्या प्राप्त राम फ्रेमवर्क से जोड़ना। योग्य सुविधा ना होने के कारण और योग्य मार्गदर्शन ना होने के कारण जिनकी पढ़ाई शुरू ही नहीं हो पाई उनको भी इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण देकर उनका विकास करने का एक और दूसरा मौका दिया जाएगा।

Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana
Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana

कौशल्य और रोजगार मेला- इस मेले में जिन युवाओं को रोजगार चाहिए हो और जिनको इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की जरूरत हो वह इस योजना का एक भाग लेने का एक दूसरा मौका इस मेले द्वारा पा सकते हैं। और इस मेले का दूसरा उद्देश्य यह भी होता है की किस योजना का प्रचार सर्वत्र कर सकें। जिन लोगों को इस योजना के बारे में जानकारी प्राप्त हो।

प्लेसमेंट सहायता- इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण देने वाले युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार उनके कौशल के अनुसार उन्हें नौकरी प्रदान करने का मौका दिया जाएगा जिससे अलग-अलग कंपनियां और उन्हें लगने वाली योग्यता के अनुसार इन युवाओं का चयन किया जाएगा और इन्हें अपने कंपनियां और अपने व्यवहार में उपयोगिता अनुसार उन्हें काम करने का मौका प्रदान किया जाएगा।

यह योजना का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह के से युवाओं को शिक्षण देकर उन्हें आने वाले भविष्य के लिए तैयार कर उन्हें योग्य बनाना है। इतना काला भारत में रहने वाला हर एक युवा ले सकता है। इसके लिए कोई नियम और किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। आसपास रहने वाले किसी युवा को इसकी जरूरत हो तो कृपया उसे इस योजना के बारे में आवश्यक जानकारी दें जिससे उसका भविष्य सुधारने में मदद हो।

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