प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पूरी जानकारी

0
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की महत्वपूर्ण जानकारी

हेलो दोस्तों वेब रफ्तार में आपका सहर्ष स्वागत है। आज हम आपको किसानों से संबंधित महत्वपूर्ण योजना (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) के बारे में जानकारी देने वाले हैं। यह योजना खेती से संबंधित है गांव का विकास और गांव की तरक्की तभी संभव है जब उनके पास पर्याप्त धनराशि हो। जैसा कि हम सब जानते हैं भारत एक कृषि प्रधान देश है।

आज भी भारत में 70% जनता खेती करती है। और यह खेती करने वाले किसान ज्यादातर ग्रामीण विभागों में रहना पसंद करते हैं क्योंकि उनकी खेती गांव में होती है। खेती का सहारा वह अपना साल भर गुजारा करते हैं। लेकिन जिससे हम सब जानते हैं खेती का सारा कुछ बारिश और मौसम पर निर्भर करता है। हम सब जानते हैं कि इसी साल बारिश होती है तो किसी साल नहीं होती किसी साल बारिश ज्यादा होती है तो किसी साल कुछ नहीं होती इसी साल ज्यादा धूप होती है।

पर्यावरण के बिगड़ते हुए समतोल को देखते हुए पर्यावरण में कुछ भी बदल हो तो उसका सीधा असर किसान के फसलों पर ही होता है जिसस किसान का काफी मात्रा में नुकसान होता है। हाल ही में हुए केरल में तूफान की वजह से वहां के किसानों को भारी मात्रा में नुकसान का सामना करना पड़ा। वहां की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई।

थोड़े ही महीनों पहले महाराष्ट्र में आए हुए बाढ़ के वजह से पश्चिम महाराष्ट्र में स्थित सांगली सातारा कोल्हापुर इन जैसे गांव में फसलों का काफी मात्रा में नुकसान हुआ। महाराष्ट्र में स्थित इन गांव में ज्यादातर खेती करते हैं। किसान भाइयों को बहुत बड़ी मात्रा में नुकसान का सामना करना पड़ा इससे उनकी आर्थिक परिस्थिति तो बिगड़ती है लेकिन देश की आर्थिक स्थिति में भी काफी बड़ी हानि होती है। किसानों का सभी आर्थिक व्यवहार उनकी फसलों पर ही निर्भर करता है। आने वाले साल में जो भी आर्थिक कार्य करने होते हैं वह भी उनकी फसलों के व्यवहार से ही करते हैं।

अगर फसल अच्छी होगी उन्हें व्यापारियों को बेचकर वह अपने लिए कुछ धनराशि जमा करते हैं जिससे उनके बच्चों की पढ़ाई और अन्य गई आर्थिक व्यवहार पूरे होते हैं। आपत्ति की वजह से फसलों का नुकसान हो तो उन्हें बाहरी बैंकों से कर्जा लेकर अपने कार्य पूरे करने पड़ते हैं जिससे वह पूरी तरह से कर्जे में डूब जाते हैं।

इसका परिणाम भारत में आज भी किसान भाइयों की आत्महत्या का प्रमाण बहुत अधिक है।भारत सरकार का यह प्रयत्न है कि किसानों की आत्महत्या का प्रमाण कम करें और उनकी कुछ सहायता करने में मदद करें। इसीलिए है या योजना का निर्माण किया गया।

किसे हुई शुरुआत इस बीमा योजना की?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत नरेंद्र मोदी सरकार ने 13 जनवरी 2016 को की थी। योजना की न्यूज़ कांग्रेस कार्यकाल में ही हुई थी लेकिन तब उन्हें बहुमत ना मिलने के कारण इस योजना पर उस समय काम पूरा नहीं कर पाए।

लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार का पूरा बहुमत इस योजना के लिए था इसीलिए नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में यानी 2016 में इस योजना को मंजूरी दी गई।किसान भाइयों की फसल से संबंधित अमित चिताओं को दूर करने के लिए इस योजना का निर्माण किया गया है। नैसर्गिक आपत्ती के कारण किसानों को फसलों से हाथ धोना पड़ता है।

इसी वजह से उनका भारी मात्रा में नुकसान होता है जैसे कि फसलों के नीचे गिर जाना फसलों पर रोग और किड पढ़ना। बारिश के कारण फसल सर जाना फतवा बारिश ना आने के कारण फसल का बड़ा ना होना इन जैसे कई कारणों से किसान भाइयों को फसल से हाथ धोना पड़ता है। उनका नुकसान ना हो और उन्हें कुछ आर्थिक सहायता मिले इस वजह से इस योजना की शुरुआत हुई थी। न्यू योजना किसान भाइयों को और उनके फसलों को ध्यान में रखकर यह बनाई गई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की विशेषताएं

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की फसल को प्राकृतिक पत्ती से हुई हानी को किसान के प्रीमियम भुगतान देखकर एक सीमा तक कम किया जा सकता है यह प्रधानमंत्री नरेंद्र जी मोदी सोच थी। इस योजना के लिए ₹8800 को खर्च किया जाएगा ऐसा नरेंद्र मोदी सरकार ने इस योजना की शुरुआत के समय कहा था।इस योजना के नाम में ही बीमा है या नहीं हमें एक साधारण अंदाजा आ जाता है कि यह योजना फसल के संबंधित बीमा के बारे में है यदि फसलों को नैसर्गिक आपत्ती से कोई नुकसान हो तो वहां इस बीमा के जरिए उनका नुकसान कम करने की एक कोशिश है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

इसके लिए किसान भाइयों को हर साल के लिए मतलब जब भी वो योगासन लगाएंगे उस समय उन्हें कुछ प्रेमियों भरना पड़ता है। यह फिल्म बहुत ही कम है।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को बीमा कंपनियों द्वारा निश्चित खरीफ की फसल के लिए 2% प्रेमियों और रबी की फसल के लिए 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है और यह राशि अन्य बीमा कंपनियों से काफी कम है। प्राकृतिक आपदाओं से खराब हुई फसल के खिलाफ किसान द्वारा भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम के बदले में उन्हें नुकसान का पैसा मिल जाता है।

इससे उनके हुए नुकसान में काफी मात्रा में मदद मिलती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के भुगतान के लिए दिए जाने वाले प्रमुख किसान भाइयों की सुविधा के लिए भोजपुरी में हमको बहुत ही कम रखा गया है जिससे वह आसानी से बीमा ले सके और उसका भुगतान भी कर सके। सरकारी सब्सिडी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है यदि बच्चा हुआ फिल्में 90% हो तो यह सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। बचा हुआ प्रेमियों बीमा कंपनियों को सरकार द्वारा दिया जाएगा बिहार राज्य तथा केंद्र सरकार में बराबर बांटा जाएगा।

प्रधानमंत्री फसल योजना में तंत्र का उपयोग भी किया जाएगा।अगर किसी ऐसे भी आपत्ति की वजह से फसल का नुकसान हो तो किसान भाई अपने मोबाइल द्वारा भारत सरकार को अपनी फसल के नुकसान के बारे में सूचित कर दें जल्द ही अपना बीमा फॉर्म भर कर अपनी राशि प्राप्त कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री फसल योजना के अंतर्गत आने वाले 3 सालों मेंभारत सरकार द्वारा 8800 करोड़ खर्च किए जाएंगे उसके साथ-साथ किसानों ५०% कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।मनुष्य द्वारा निर्मित आपत्ती के लिए जैसे कि आग लगना चोरी होना सेंध लगाना आदि को इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया है। नैसर्गिक आपत्ती व से होने वाले नुकसान का है इस योजना में किसानों को पैसा मिलता है। यार नई फसल बीमा योजना एक राष्ट्र एक योजना के विषय पर आधारित है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here