पितृ दोष निवारण के सरल उपाय की जानकारी

पितृ दोष के लक्षण

नमस्कार दोस्तों वेब रफ्तार में आपका स्वागत है । तो दोस्तों आज हम आपको पितृ दोष निवारण के बारे में जानकारी देने वाले है। दोस्तों मनुष्य अपने जीवन के सभी सुख और दुःख में कई उतार-चढ़ाव का अनुभव करता है।

लेकिन कुछ कष्ट एवं अभाव ऐसे होते हैं, जिन्हें सहन करना असंभव हो जाता है। तो मनुष्य तांत्रिक-मांत्रिक, वास्तुशास्त्री करता रहता हैं, लेकिन उनका लाभ कभी कुछ तो कभी पूर्ण रूप से प्राप्त होता है। इन उपायों में एक है पितृ शांति है।

तो दोस्तो आज हम पितृ दोष क्यों और कैसे तथा कब होता है आइए जानते हैं । दोस्तो पितृदोष का प्रभाव या हमारे बुरे कर्मों के कारण किसी की भी कुंडली में बनता है ।

पितृ दोष के लक्षण व कारण क्या होते है ?

  1. पूर्वज की मृत्यू ।
  2. नोकरी ना लगना या छूट जाना ।
  3. बच्चे की अकाल मृत्यु हो जाना या फिर मंदबुद्धि बच्चे का जन्म होना ।
  4. विवाह ना हो पाने की समस्या ।
  5. विवाहित जीवन में कलह रहना ।
  6. परीक्षा में बार-बार असफल होना ।
  7. नशे का आदि हो जाना।
  8. गर्भपात या गर्भधारण की समस्या।
  9. निर्णय ना ले पाना।
  10. अत्याधिक क्रोधी होना

पितृ दोष के प्रकार क्या है ?

पितृ दोष के प्रकार
पितृ दोष के प्रकार
  1. सबसे खतरनाक – जब पितृ दोष प्रथम स्थान पर हो – सूर्य इन ग्रहों में से किसी के साथ किसी भी भाव या घर में होता है। यह सबसे खतरनाक दोष है।
  2. मध्यम प्रभाव – पितृ दोष जब द्वितीय स्थान पर हो – तभी उपरोक्त ग्रहों में से किसी भी या सभी के साथ सूर्य की छाया होती है, तो यह दूसरे स्तर का दोष होता है। यह पितृ दोष प्रथम स्तर से भयंकर नहीं होता है लेकिन इसकी मध्यवर्ती प्रभाव होता है।
  3. हल्का स्वभाव और प्रभाव – पितृ दोष का तीसरा हल्का स्तर तब होता है जब सूर्य को शत्रु की राशि में या ऊपर के नकारात्मक ग्रहों की राशि में होता है।

पितृ दोष निवारण कैसे करे और पितृ दोष -शांति का उपाय की जानकारी :

पितृ दोष निवारण कैसे करे
पितृ दोष निवारण कैसे करे

तो चलिए जानते है, पितृ दोष को दूर करने का सबसे सीधा और सरलं उपाय के बारे में |

  1. पितृ दोष निवारण के लिए हो सके तो हर दिन रविवार को छोड़कर हर संध्या पीपल के पेड़ के निचे एक दीपक सरसों के तेल का पितरो के नाम पर जला कर आये और उन्हें आशीष मांगे ।
  2. प्रत्येक अमावस्या को एक ब्राह्मण को भोजन कराने व दक्षिणा वस्त्र दान करने से पितृ दोष कम होता है ।
  3. घर की दक्षिण दिवार पर अपने पितरो का फोटो लगाकर उसके सामने फुलो की माला चढाए और उनका आशीर्वाद ले ।
  4. ७ शनिवार तथा मंगलवार को लगातार जवित्री और केसर की धूप पुरे घर मे देना भी पितृदोष से मुक्ति के उपाय है ।
  5. शनिवार के दिन सुबह जल्दी कच्चे दूध में जो तथा काले तिल में मिलाकर पीतल के वृक्ष की जड़ पर चढ़ाई पितृ दोष दूर हो जाएगा ।
  6. रोज शिवलिंग पर संध्या के समय देशी घी का दीपक लगाना चाहिए और एक माला महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से पितृ दोष समाप्त होता है ।
  7. अपने माता-पिता ,बड़े भाई भाभी ,दादा-दादी ,बड़ी बहन को मान सम्मान और उनके चरणों को प्रतिदिन नमन करने से पितृ दोष दूर होता है ।प्रत्येक छह मास में ब्राह्मणों को भोजन करवाने से ,पांच सफेद वस्त्र के साथ दक्षिणा देने से पितृदोष निवारण होता है ।
  8. पितृदोष के ग्रस्त व्यक्ति या परिवार को किसी भी अस्पताल मैं रुपए पैसों का दान करना चाहिए या हस्पताल में भंडारा या खाने की सेवा देनी चाहिए याद रहे खाने में खीर अवश्य हो ।
  9. बैसाख अमावस्या के दिन दक्षिणाभिमुख हो कर पितृ तर्पण करना व पितृस्तोत्र या पितृसूक्त का पाठ करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही नीलकंठ स्तोत्र का पाठ करे व ब्राह्मणों को भोजन कराएं व दक्षिणा दे कर पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है।
  10. अमावस्या के दिन विष्णु के मंदिर में पीले रंग का झंडा अर्पित करें। ऐसा करने से जीवन से सारे कष्ट का अंत होता है।

पितृदोष निवारण शाबर मंत्र क्या है ?

पितृ दोष निवारण शाबर मंत्र
पितृ दोष निवारण शाबर मंत्र

ओम सर्व पितृ देवताभ्यो नमः

ओम प्रथम पितृ नारायणाय नमः

ओम नमो भागवते वसुदेवाय नमः

पितृदोष निवारण मंत्र का पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ कम से कम एक माला रोज जाप करें पितृदोष निवारण होगा ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *