पीरियड्स क्या है? पीरियड्स की जानकारी

पीरियड क्या है

नमस्ते दोस्तों, आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएँगे कि पीरियड्स क्या है? पीरियड्स यानी कि मासिक धर्म या फिर कोई कोई इसे महावारी भी बोलते हैं। पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जो महिलाओं में हर महीने होती है।

जब लड़की बाल अवस्था से युवावस्था में आती है। तब कई सारे शारीरिक बदलाव होते हैं। उन्हीं में से एक बदला है पीरियड्स का आना यानी कि महामारी होना। जब लड़की युवावस्था में आती है। तब उसे पीरियड्स आती है। महिलाओं को पीरियड्स के बारे में पता होना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। जो नैसर्गिक रूप में हर एक लड़की को होती है। इसकी जानकारी उन्हें पीरियड आने से पहले ही पता होना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि जब पहली बार पीरियड आते हैं, तो लड़कियाँ घबरा जाती है। और उनको सही मायने में इसका मतलब नहीं पता होता है।

कई बार ऐसा होता है कि महिलाएं पीरियड्स के बारे में बात करने में बहुत शर्म आती है। और वह किसी को बताना जरूरी नहीं समझती है इसके बारे में। लेकिन अगर आप पीरियड्स के बारे में बताओगे तो सबको इसकी जानकारी होगी और पीरियड्स क्या क्या है इस के बारे में सतर्कता होना बहुत जरूरी है। क्योंकि जब पहली बार लड़की को पीरियड से आते हैं तो वह इस चीज को मानसिक और शारीरिक रूप से समझ नहीं पाती है। और उसे अपना नहीं पाती। यह बहुत ही गंभीर समस्या है, कि पीरियड्स की जानकारी ना होना।

इसलिए इस लेख माध्यम से हम आपको पीरियड से संबंधित आने की मासिक धर्म से संबंधित हर एक बात बताएँगे। और यह बताएँगे कि यह कैसे कब होता है? और इसका चक्र कैसे होता है? और इससे संबंधित समस्याएं क्या होती है? जब कोई लड़की प्रजनन के लिए सक्षम हो जाए, और उसके प्रजनन अंग विकसित हो जाए, तब मासिक धर्म की शुरुआत होती है।

मासिक धर्म / पीरियड्स क्या है ?

पीरियड्स क्या है
पीरियड्स क्या है

महिलाओं में बचपन से लेकर जवानी तक बहुत सारे शारीरिक बदलाव होते हैं। उसी में से एक बदलाव है, मासिक धर्म। 10 से 15 वर्ष की आयु में लड़कियों को पीरियड्स आने की शुरुआत हो जाती है।

पीरियड्स का आना इसका मतलब है कि महिला गर्भ-धारण करने के लिए सक्षम है। और उसके प्रजननीय अंग पूरी तरह से विकसित हो गए हैं। पीरियड्स को समझने के लिए सबसे पहले आपको महिला के जनन तंत्र को समझना बहुत जरूरी है। सबसे पहले फेलोपियन ट्यूब होता है, गर्भाशय, अंडाशय और गर्भाशय का मुंख और उसके बाद ही योनी होती है। अंडाशय में हजारों अंडे होते हैं।

हर महीने एक अंडा फेलोपियन ट्यूब से निकल कर के गर्भाशय में पहुँचता है। उसके  बाद गर्भाशय के पास एक परत जमा होने लग जाती है। और यही अंदा है जो बच्चे के रूप में जन्म ले सकता है। यही खून की परत की जरूरत ना होने के कारण गर्भाशय से बाहर की ओर रक्तस्राव के रूप में निकलता है। गर्भाशय के मुख से होकर योनि से रक्त के रूप में बाहर निकलते हैं। इसे ही मासिक धर्म कहा जाता है। सामान्य तौर पर 5 से 6 दिन का होता है। और यह हर महीने आता है।

पीरियड्स कब आता है? और कितने दिन का होता है ? पीरियड साइकिल क्या है ?

पीरियड्स कब आता है
पीरियड्स कब आता है

मासिक धर्म की शुरुआत का मतलब यह की महिलाओं में शारीरिक बदलाव होना।जो हर महिला में युवावस्था में आने में शुरू होती है। यह हर महीने आती है। यह महीने में एक बार होता है। और यह 28 से 30 दिनों के बाद आती है। हर महीने यह 5 दिनों तक रहता है। अगर यह 7 दिनों तक होता है तो इसे सामान्य माना जाता है। इसी को पीरियड साइकिल बोलते हैं। जो हर महीने फिर से आती है।

पीरियड्स के खत्म होने के बाद फिर अगले मेरे पीरियड शुरू होने तक जो समय होता है, उसे मासिक धर्म चक्र बोलते हैं। शुरुआत में पीरियड्स 2 या 3 महीने के बाद आते हैं क्योंकि कोई भी शारीरिक बदलाव काश विकार करने के लिए शरीर को थोड़ा समय लगता है। उसके बाद में यह चक्र हर महीने 28 से 30 दिनों के बाद आता है।

कई महिलाओं में यह 25 दिन बाद या फिर कई महिलाओं में यह 35 दिन बाद भी आता है। समय से भी ज्यादा हो तभी आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। और इस समय में अगर आपको बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही हो, तब आपको डॉक्टर की सलाह लेनी बहुत जरूरी होती है।

पीरियड्स में क्या होता है ?

पीरियड्स में क्या होता है
पीरियड्स में क्या होता है

पीरियड एक  नैसर्गिक प्रक्रिया है। जो हर महिला के शरीर में होती है। यह एक शारीरिक बदलाव है। जब महीना युवावस्था में आती है। और उसके प्रजनन अंग विकसित होने लगते है। जब वह गर्भाशय को धारण करने योग्य हो जाती है, तभी पीरियड्स आने की शुरुआत हो जाती है। पीरियड आने के 2 या 3 दिन पहले महिलाओं को पेट में या शरीर के हिस्सों में दर्द होने लगता है।

जब पीरियड आता है तब महिलाओं के जनन तंत्र में बदलाव होते हैं। यानी कि महिला के अंडाशय में हजारों अंडे होते हैं। उसमें से एक अंडा हर महीने फोलीपीयन ट्यूब से यानी कि अंड वाहिका नली से बाहर निकलता है। और गर्भाशय में आता है। उसके बाद अंडे के बाजू में एक तरल बन जाती है। यह इसके लिए होता है कि अगर महिला गर्भवती रहे, तो शिशु का विकास अच्छे से हो। अगर इस अंडाशय में पुरुष के शुक्राणु का समावेश ना हो तो यह तरल रक्त के रूप में योनि से बाहर निकलता है। इसी प्रक्रिया को पीरियड्स कहा जाता है।

और पीरियड्स मे यह सब हर महीने होता है। पीरियड्स की वजह से महिला का गर्भाशय स्वछ होने में मदद होती है। और उसमें यह परत जमा नहीं हो पाती है। अगर यह परत जमा होने लगी तो खून की गाढी़ परत गर्भाशय में जमा हो जाती है। और इससे कई सारी बीमारियाँ होने की संभावना होती है। इसके लिए पीरियड्स का नियमित रूप से आना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

अनियमित पीरियड का कैसे पता करें ?

अनियमित पीरियड
अनियमित पीरियड

पीरियड्स अनियमित आना बहुत ही खतरनाक समस्या होती है। क्योंकि इसे कई सारी बीमारियाँ भी जन्म ले सकती है। इसके लिए इसका पता होना बहुत जरूरी है। कि आपके पीरियड्स अनियमित हैं या नहीं या फिर यह नियमित है। सामान्य तौर पर हर एक महिला का मासिक चक्र अलग-अलग होता है। इस दौरान महिलाओं को पेट के नीचे के हिस्से में बहुत दर्द होता है। तो आपके पीरियड्स अनियमित हैं यह कैसे पता करें ?

इसका पता बहुत ही आसानी से चल जाता है। सामान्य तौर पर मासिक धर्म 28 से 30 दिनों के बाद हर महीने आता है। अगर आपका हर महीने मासिक धर्म में बदलाव होने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि आपके पीरियड्स अनियमित हैं। जैसे कि अगर आपका मासिक धर्म किसी किसी महीने 30 दिन के बाद किसी किसी महीने 32 दिन के बाद किसी किसी महीने 45 दिन के बाद आता है।

तो आपको इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेनी बहुत जरूरी है। और जब मासिक धर्म में सामान्य तोर से बहुत ज्यादा खून आना, फिर नियमित रूप से खून आना, यानी कि कम खून आना, या फिर मासिक धर्म में बदलाव होना, या मासिक धर्म के समय बहुत ज्यादा पीड़ा होना, जो कि सहन ना हो सके, यदि यह सारी समस्या आती है। तो आपको अनियमित पीरियड की समस्या है। और इसको आपको डॉक्टर को बताना बहुत जरूरी है। और डॉक्टर की सलाह लेनी बहुत जरूरी है।

लड़कियों को पीरियड क्यों आता है ?

पीरियड क्यों आता है
पीरियड क्यों आता है

कभी-कभी महिलाएं पीरियड्स के प्रॉब्लम से बहुत परेशान हो जाती है। क्योंकि इसमें बहुत ही ज्यादा तकलीफ़ होती है। और महिलाओं को कई सारे शारीरिक बदलाव से गुजरना पड़ता है। और इसका दर्द सिर्फ महिला ही से समझ सकती है।  क्योंकि यह हर महीने आता है। महिलाओं को हर महीने नियमित रूप से पीरियड से आते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें यह पता नहीं होता है, कि लड़कियों को पीरियड क्यों आते हैं? और इसकी जरूरत क्या है? पीरियड्स महिलाओं के लिए बहुत ही जरूरी है। क्योंकि बिना इसके महिला का प्रजनन अंग सक्रिय नहीं होता है। और वो शिशु को जन्म नहीं दे पाएगी।

पीरियड्स का संबंध गर्भाशय से होता है। अंडाशय में से फैलोपियन ट्यूब से जो अंडा गर्भाशय में आता है। तब गर्भाशय में एक कोमल परत बन जाती है। यह बच्चे के सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी होती है। यह गर्व को सुरक्षित रखती है। जब तक इस परत की जरूरत नहीं होती है। तब गर्भाशय से यहां पर खून के रूप में योनि से बाहर निकल जाती है। और इसी को मासिक धर्म कहते हैं। और जब महिला गर्भवती होती है तब यह परत बच्चे की सुरक्षा करती है, जब तक पूरी तरह से बच्चा विकसित नहीं हो जाता है तब तक। इसीलिए पीरियड्स का आना बहुत जरूरी होता है।

इस प्रकार पीरियड्स का आना महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। और अगर पीरियड्स में बहुत ज्यादा प्रॉब्लम हो तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए और उनकी सलाह लेना चाहिए। यह थी पीरियड्स क्या होता है और तह कब आता है इसकी जानकारी |

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