हेलो दोस्तों आपका वेब रफ़तार पर स्वागत है। आज हम आपको स्वच्छ भारत अभियान की एक महत्वपूर्ण योजना गोबर धन योजना के बारे में बताने वाले हैं।

गोबर धन योजना की जानकारी 

गोबर धन योजना योजना स्वच्छ भारत अभियान का एक मुख्य काम करती है। माननीय पंतप्रधान नरेंद्र मोदीजी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करते हुए कहा था कि भारत में स्वच्छता तभी आ सकती है जब वास्तविक में भारत में स्थित ग्रामीण विभागों में गांव में स्वच्छता का प्रसार हो तभी भारत को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य हम पूरा कर सकते हैं।

गोबर धन योजना
Gobar Dhan Yojana

आज भी भारत में ज्यादातर लोग खेती करते हैं और भारत की आम जनता और लोक संख्या को देखते हुए ज्यादातर लोग अभी भी ग्रामीण विभागों में यानी गांव में रहते हैं यानी ज्यादा आबादी अभी भी गांव में स्थित है। जैसा कि गांधी जी ने भी कहा था अगर आपको तरक्की करनी हो तो पहले गांव से शुरू कीजिए तब जाकर शहरों  में तरक्की हो सकती है। महात्मा गांधी जी ने तो इस पर नारा भी लगाया था गांव की तरफ चलो ऐसा कह कर उन्होंने लोगों को गांव में तरक्की लाने के लिए मदद करने का सुझाव दिया था।

भारत में ज्यादातर जनता आज भी खेती करती है और खेती से जुड़े अन्य उद्योग व्यवसाय मैं लगी हुई है। गांव में शिक्षण सुविधा आरोग्य सुविधा और अन्य कई सुविधा ना होने के कारण वहां स्वच्छता के प्रति लोग ज्यादा जागरूक नहीं होते इसीलिए वह ज्यादा गंदगी रहती है।जैसा कि हम सब जानते हैं गांव में गाय बैल और अन्य कई पशु रहते हैं और किसान उनकी देखभाल करता है अथवा गांव के लोग पशुपालन व्यवसाय भी अच्छी तरह कैसे करते हैं लेकिन पशु से मिलने वाला गोबर, मुत्र यह वही पड़े रहने के कारण बहुत सारे रोगों को निमंत्रण देता है और गांव में गंदगी बनी रहती है। यह भी एक मुख्य कारण है गांव का स्वच्छ ना रहने का। और गांव में रहने वाले लोग अपना दैनंदिन नित्य कार्यक्रम करने के लिए बाहर जाते हैं इस वजह से वहां गंदगी रहती है और गांव अस्वच्छ होता है।

जैसा कि हम सब जानते हैं आजकल स्कूल कॉलेजों में बायो ईंधन और बायो कचरे के बारे में सिखाया जाता है यह बायो कचरा गोबर , विष्ठा, मुत्र , प्लास्टिक इन जैसे अन्य कई वस्तुओं से यह बायो ईंधन बनाया जाता है। जैसा कि हमने पहले भी अब बताया कि गांव में गोबर बहुत मात्रा में उपलब्ध हो सकता है क्योंकि गांव में पशुपालन बहुत बड़े पैमाने में किया जाता है। और गांव में इसके बारे में ज्यादा जागरूकता ना होने के कारण यह गोबर किसी भी प्रकार के उपयोग में नहीं लाया जाता। वहां के लोगों को इसके बारे में जानकारी ना होने के कारण वह गोबर को फेंक देते हैं नहीं तो उससे जलाने के काम में उपयोग करते हैं।

गोबर धन योजना की शुरुआत कैसे हुई ?

गांव में रहने वाले लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए गांव को स्वच्छ करना जरूरी है इसीलिए गोबर धन योजना यानी बायो एग्रो रिसोर्सेस धन योजना शुरू की गई। यह योजना फेब्रुवारी 2018 में घोषित की गई थी। यह घोषणा माननीय पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी ने की थी।

गोबर धन योजना
Gobar Dhan Yojana

यह योजना स्वच्छ भारत मिशन का एक महत्वपूर्ण भाग है। स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य खुले शौचालय से मुक्त गांव और घना एवं प्रभावी कचरे का मैनेजमेंट करके गांव को स्वच्छ करना यह इसका मुख्य उद्देश्य था।स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गोबर धन योजना शुरू की गई थी।

उद्देश्य क्या है गोबर धन योजना का ?

भारत की आम जनता गांव में रहती है। भारत के ग्रामीण विभागों में पशु, शौच, और रसोई से मिलने वाले कचरा, और फसल और खेतों में होने वाले कचरे की मदद से बायो इंधन बनाकर उसे इस्तेमाल कर सके इस उपायुक्त बनाना जो इस योजना का एकमात्र और मुख्य उद्देश्य है।

गोबर धन योजना
Gobar Dhan Yojana

2014 के कृषि सर्वे अनुसार 620 मिलियन फसल का कचरा 300 मिलियन टन कचरा और 100 मिलियन टन कचरा भारत में खेतों में जला दिया जाता है। यह कचरा किसी भी उपयोग में नहीं लाया जाता इसके कारण हवा प्रदूषित भी होती है और यह कचरा अन्य किसी उपयोग में भी नहीं आता।

भारत में ग्रामीण विभागों में गोबर लकड़ी या और खेतों में होने वाली फसल से मिलने वाला कचरा रसोई में इस्तेमाल किया जाता है इससे पर्यावरण प्रदूषित भी होता है और बच्चे बूढ़े इनको बीमारी का भी डर लगा रहता है।

हमने कक्षा 4 में गोबर गैस के बारे में पढ़ा था। गोबर गैस गोबर पश्चिम लकड़ी आदमी की मल मूत्र विष्ठा इनसे बनाया जाता है। गोबर धन योजना बी इस सी पढ़ाई से प्रेरित होकर गांव में कंपोस्ट खत को बायोगैस में निर्मित करके बायोगैस की निर्मिति करने का सुझाव रखती है।

क्या फायदे है गोबर धन योजना के ?

    • गोबर धन योजना का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाना है।
    • बायोगैस और बायो ईंधन की मदद से पर्यावरण का संतुलन बना कर प्रदूषण रोकना।
    • इस योजना के मदद से बायोगैस से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आय में वृद्धि करना है
    • बायो ईंधन और बायोगैस बनाने के लिए सामग्री की आवश्यकता होती है और सामग्री को नियंत्रित करने और चलाने के लिए अच्छे और समझदार मैकेनिक इलेक्ट्रॉनिक अन्य कई कलाओं में निपुण लोगों की जरूरत होती है इस वजह से उन्हें रोजगार भी प्राप्त हो सकता है।
    • गांव सच्चे होने के कारण वहां के लोगों का स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रह सकता है और गांव को सुंदर बनाने में भी मदद हो सकती हैं।

गोबर धन योजना का लाभ किस प्रकार ले सकते हैं ?

    • गोबर धन योजना का लाभ लेने के लिए सर्वप्रथम गोबर धन योजना की वेबसाइट पर जाकर वहां रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है।
    • रजिस्ट्रेशन करने के बाद गोबर धन योजना का फॉर्म आने पर वहां अपनी जानकारी भरने के बाद आपका नाम और ईमेल लिखना पड़ता है।
    • उस फॉर्म में आपको आपका पूरा परिचय और घर का पता राज्य जिला ब्लाक ग्राम पंचायत गांव की जानकारी लिखनी पड़ती है।
    • उसके बाद आपको यूजर आईडी निर्माण करना पड़ता है और आपका मोबाइल नंबर भी डालना पड़ता है।
    • उसके बाद दिए गए मोबाइल नंबर पर चार अंकी पासवर्ड आता है वह अक्षर डालने के बाद अकाउंट एक्टिव होता है।
    • वह दे जानकारी पूरी भरने के बाद आपको सबमिट का बटन क्लिक करके भरे गए फॉर्म को भेजना पड़ता है।
    • रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपका फॉर्म सबमिट किया जाता है। और इसके बारे में समय-समय पर अपडेट आपके दिए गए मोबाइल नंबर पर आते रहते हैं।
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