दीपावली में दिया क्यों जलाते हैं ? जानिए क्या है इसके पीछे का राज

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दीपावली में दिया
दीपावली में दिया

नमस्ते दोस्तों, आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएँगे कि दीपावली में दिया क्यों जलाते हैं? दीपावली में शुभ फल  प्राप्ति के लिए घर में कहां दीये जलाने चाहिए। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में, दीपावली में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहे इसके लिए लोग पूजा अर्चना करते हैं। दीपावली के 5 दिनों तक लोग घर को दिए से सुशोभित करते हैं। और दियो से घर में रोनक कर देते हैं। अपने घर को दिए से सजाते हैं।

शुभ फल प्राप्ति के लिए किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए यह भी जरूरी है। और दीपावली में दीपक क्यों लगाते हैं? उसके भी धार्मिक मान्यताएं हैं। दीया लगाने से घर में सकारात्मक शक्ति रहती है। और नकारात्मक शक्ति दूर हो जाती है। और घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती हैं। सभी जानते हैं कि दीपावली में घर घर में दीपक लगाने की प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है। इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई थी। दीपावली में कहां कहा दिए जलाने चाहिए जिससे कि आपको शुभ फल प्राप्ति हो।

दीपावली में दिए जलाने की कई सारी धार्मिक मान्यताएं हैं। दीपावली में हर कोई अपने घर को दिए से सजाता है। और चारों ओर शाम होते ही दिए प्रज्वलित हो जाते हैं। परंतु किसी किसी को यह पता नहीं रहता है कि  दिए किन किन जगह पर लगाए जिससे कि आपको शुभ फल की प्राप्ति हो और देवी-देवताओं प्रसन्न हो।

क्या आपको पता है कि किन किन जगहों पर दीपावली में दियाजलाने चाहिए ? और इससे क्या शुभ फल प्राप्त होता है? उसकी की आवश्यकता क्या है? नारद पुराण के अनुसार यह माना जाता है कि घर में नदी में रिक्शा के नीचे चौराहे पर पीपल के पेड़ के नीचे चौराहे में तथा श्मशान में दिए जलाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है |

दीपावली में दिया जलाने की प्रथा की शुरुआत कब हुई ?

दीपावली में दिए जलाने की प्रथा
दीपावली में दिया जलाने की प्रथा

दीपावली में दिया जलाने की धार्मिक मान्यता है कि जब भगवान राम,माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ वनवास के पश्चात अयोध्या वापस लौटे थे। तब सारे अयोध्या वासियों ने उनके आने से पहले ही पूरे अयोध्या नगरी को सजा दिया था।

रंग रंगोली और सारे अयोध्या को दिये से जगमगा दिया था। हर घर के हर दरवाजे पर रास्ते पर दिये जलाए गए थे। अयोध्या वासियों को राम जी के आने की बहुत खुशी हुई थी। इसके लिए उन्होंने दीये जलाकर उनका फूलों की वर्षा कर स्वागत किया था। तब से दीपावली में दीया जलाने की प्रथा की शुरुआत हुई।

यह भी मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष होने के तुरंत बाद दिवाली आती है। श्राद्ध पक्ष में हमारे पितर पृथ्वी लोक पर आते हैं। और दीपावली में दिए जलाने से उनको पितृ लोक जाने का रास्ता प्रकाशित होता है। इसीलिए दीपावली में चारों और दिए जलाने चाहिए। ताकि अपने पितर जो श्राद्ध पक्ष में धरती पर आए होते हैं। उन्हें पितृ लोक में जाने में आसानी प्राप्त हो।

दीपक कब जलाएं ?

दीपक कब जलाएं
दीपक कब जलाएं

दिवाली में हर एक घर में लोग दीपक जलाते हैं। दीपावली के 5 दिनों में धनतेरस, छोटी दीपावली, नरक चौदस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक दिए रोज शाम को यानी कि सूर्यास्त के पश्चात दीये जलाने चाहिए। यदि संभव है लक्ष्मी पूजन धनतेरस के दिन अखंड दीया जलाए। इससे आपके घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहेगी ऐसी मान्यता है। ऐसा भी कहा जाता है, कि दिवाली मे लक्ष्मी पूजन के दिन महालक्ष्मी शाम के समय हर किसी के घर आती है। इसीलिए उनके स्वागत सत्कार की हेतु लोग दिए जलाते हैं। और यह भी आपको रात भर ऐसे ही जलाना चाहिए। इससे आपको शुभ फल प्राप्ति होती है

उसी प्रकार धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यमराज को भी दीपावली में दिया जलाना चाहिए। उसके लिए आपको दरवाजे के चौकट पर यमराज का दिया जलाना चाहिए। माना जाता है, कि इससे अकाल मृत्यु और और अकाल मृत्यु का भय  टल जाता है।

दीपावली के उत्सव में दिए कहां जलाने चाहिए ?

दीपावली के उत्सव में दिए कहां जलाने चाहिए
दीपावली के उत्सव में दिए कहां जलाने चाहिए

दीपावली में हर जगह रोशनी ही रोशनी दिखाई पड़ती है। हर कोई अपने घर को दीपों से सजा देता है। और चारों ओर अलग ही प्रकाश की खुशी और उत्साह नजर आता है। दिए जलाने की वास्तविक रूप यह है, कि यह आपकी नकारात्मक शक्ति को बाहर करके सकारात्मक शक्ति बढ़ता है। दिए जलाने से देवी देवता भी प्रसन्न होते हैं। 

दीपावली में दिये दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है ऐसा माना जाता है। इसीलिए कई सारे लोग घर में, बाहर, मंदिर में दीये जलाते हैं। इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएँगे कि क्यों दीपावली उत्सव में दिए जलाने चाहिए जिससे कि आपको शुभ फल की प्राप्ति हो। 

  • सबसे पहले दिवाली के पहले दिन आपको जहां आपके घर में मंदिर है वहां पर दीया प्रज्वलित करना चाहिए। और हो सके तो आपको यह रात भर जलते रहने देना है। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और आपके घर पर सुख शांति और संपत्ति वर्षा होती है।
  • दीपावली में अपने सारे घर में दिए लगाने चाहिए जैसे की, दरवाजा, खिड़की, बाथरूम, पीने के पानी के जगह पर, छत इत्यादि  जगह पर दिए लगाने चाहिए इससे शुभ शकुन होता है।
  • गांव में आज भी लोग रोज तुलसी को दिए और अगरबत्ती लगाते हैं। लेकिन शहर में यह प्रथा का लोक पालन नहीं करते। इसके लिए दीपावली में आपको तुलसी की जगह पर दिया जरूर लगाना चाहिए।
  • घर के चौराहे पर दीपक जरूर लगाएं। ऐसी मान्यता है कि आपके घर में शाम के समय लक्ष्मी माता आती है। उनके स्वागत के लिए आपको दरवाजे की चौराहे पर दीपक लगाना आवश्यक है। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।
  • घर के चौखट पर यमराज को पूजा के रूप में एक दिया जलाएं। इससे अकाल मृत्यु नहीं होती है। और इसका भय टल जाता है।
  • दीपावली के दिन किसी भी मंदिर में दिये दान करने चाहिए इससे शुभ फल प्राप्ति होती है।
  • नारद पुराण के अनुसार यहां भी मान्यता है कि नदी के पास भी दिए जलाने से आपके घर में सुख शांति व वैभव बना रहता है।
  • दीपावली में बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीया लगाने से शंकर भगवान की कृपा दृष्टि हमेशा आपके परिवार पर बनी रहती है।
  • दीपावली में गौशाला में भी दिए जलाने चाहिए। क्योंकि भारतीय संस्कृति के अनुसार गायों को गौ माता माना जाता है। और उनकी पूजा अर्चना की जाती है। यह माना जाता है कि उनमें देवी-देवताओं का वास रहता है। इसके लिए गोशाला में दिए जलाने चाहिए। इससे आप पर सभी देवी देवताओं की कृपा बनी रहेगी और शुभ फल प्राप्ति होगी।
  • दीपावली में अगर श्मशान में दिए जलाते हैं। तो भूत प्रेत से संबंधित सारी बाधाएं दूर हो जाती है यह मान्यता है।
  • दीपावली में पीपल के पेड़ के नीचे भी रात के समय दिए जलाने चाहिए। लेकिन इसका ध्यान रखें उसे पीछे मुड़ के ना देखे।
  • आपको पैसे से जुड़ी समस्याएं है। तो दीपावली के दिन घर के किसी भी नज़दीकी चौराहे पर जाकर दीपक जलाना चाहिए। इससे पैसे से जुड़ी समस्याएं खत्म होती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

इस प्रकार दिवाली का महत्व है। और दिवाली में दीपक जलाने के शुभ फल प्राप्ति के तोटके हैं। यह आप इस दिवाली जरूर करिएगा। आपके घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहेगी आप सबको दीपावली की बहुत सारी शुभकामनाएं।

 

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